कल्लू महाराज का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा गोवंश को किसी जंगल अथवा अन्य स्थान पर छोड़ा जा रहा है, तो वहां उनके भोजन, पानी और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करना भी आवश्यक है। उन्होंने शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा से निवेदन करते हुए कहा कि अमोला घाटी में छोड़े जाने वाले गोवंश की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराई जाए।
गौ सेवक कल्लू महाराज ने आरोप लगाया कि करेरा में कुछ कर्मचारियों द्वारा गोवंश को डंडों से मारकर घायल करने और ट्रॉली में भरकर ले जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि बेजुबान पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता स्वीकार नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि “गौ माता को डंडों की नहीं, प्यार और संरक्षण की जरूरत है।”
उन्होंने नगर पालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील की कि गोवंश को पकड़ने और स्थानांतरित करने के दौरान मानवीय एवं पशु कल्याण के नियमों का पालन किया जाए। कल्लू महाराज ने कहा कि एक ओर लोग मंदिरों में जाकर गौ माता की जय के नारे लगाते हैं, वहीं दूसरी ओर यदि सड़कों पर बेजुबान पशुओं के साथ दुर्व्यवहार होता है तो यह चिंता का विषय है।
कल्लू महाराज ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी गोवंश संरक्षण के लिए और प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में गौशालाओं का निर्माण और उनका बेहतर संचालन ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गोवंश को सुरक्षित आश्रय, चारा और उपचार मिलना चाहिए।
उन्होंने अमोला घाटी क्षेत्र में गोवंश की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाने की मांग की। कल्लू महाराज के अनुसार, क्षेत्र में गोवंश के सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होने, जंगली जानवरों के खतरे तथा कथित गौ तस्करी जैसी आशंकाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को निगरानी बढ़ानी चाहिए। उन्होंने पुराने मामलों का उल्लेख करते हुए भी प्रशासन से जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
गौ सेवा समिति की इस मुहिम में दीपक तिवारी, जितेंद्र लोधी, रोहित लोधी, दीपक केवट, मैथिली शरण गुप्ता, आनंद शर्मा, संजू ठाकुर, धर्मेंद्र ठाकुर, पुष्पेंद्र लोधी, राजीव लोधी, जयराम लोधी और राजू लोधी सहित कई गौ सेवकों ने गोवंश संरक्षण के लिए समाज को आगे आने का आह्वान किया है।
कल्लू महाराज ने कहा कि पहले समय में हर घर से गौ माता के लिए रोटी निकलती थी, लेकिन आज बेसहारा गोवंश अनेक परेशानियों का सामना कर रहा है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि “गौ माता को बचाना केवल शासन-प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, किसानों और आमजन से अपील की कि “गौ माता बचाओ, हर गांव में गौशाला बनवाओ” अभियान को जनआंदोलन बनाया जाए, ताकि बेजुबान गोवंश को सुरक्षित जीवन मिल सके।



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