शिवपुरी/पीपसमाया। कृषि उपज मंडी पीपसमाया से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें किसान और व्यापारियों के बीच नोकझोंक होती दिखाई दे रही है। वायरल वीडियो में दिख रहे किसानों का आरोप है कि मूंगफली के भाव में भेदभाव किया गया है।
किसानों का आरोप क्या है?
वायरल वीडियो में मौजूद किसानों के अनुसार, दो भाई अपने एक ही खेत की मूंगफली को दो ढेरों में बांटकर मंडी में बेचने आए थे। किसानों का आरोप है कि एक ढेर का भाव 4300 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया, जबकि दूसरे ढेर का भाव 3300 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया। इसी को लेकर किसान नाराज हुए।
साथ ही कुछ किसानों ने मंडी में साफ-सफाई और पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई है। *यह सभी आरोप किसानों द्वारा लगाए गए हैं, इसकी पुष्टि दैनिक सत्यालेख नहीं करता।*
मंडी सचिव का पक्ष -
इस संबंध में जब कृषि उपज मंडी पीपसमाया के सचिव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि -
_"मंडी में साफ-सफाई नियमित होती है और पीने के पानी की व्यवस्था भी है। मंडी में इस तरह की नोकझोंक आम है। संबंधित किसान से पर्ची मांगी गई थी ताकि भाव की जांच की जा सके। चूंकि पर्ची नहीं बनी थी इसलिए भाव का सत्यापन नहीं हो सका।"_
हमारा उद्देश्य -
दैनिक सत्यालेख का उद्देश्य किसी व्यापारी या मंडी प्रशासन पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि किसानों की आवाज और प्रशासन का पक्ष दोनों जनता तक पहुंचाना है। यदि जांच में भाव में अंतर की बात गलत पाई जाती है तो मंडी प्रशासन अपना स्पष्टीकरण दे सकता है।
मामले की सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन से मांग है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर मंडी में पारदर्शिता लाई जाए।



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