सफलता की कहानी : महिला सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ते कदम, आजीविका साड़ी सेल से भरी सपनों की उड़ान

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 आज महिलाओं के लिए आगे बढ़ने के कई अवसर है, तो कई महिलाएं इन अवसरों का बखूबी उपयोग भी कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दूर दराज भी महिलाएं आत्मनिर्भर होकर अपनी पहचान बना रहीं हैं। इन्हीं में से एक है शिवपुरी जिले के खनियाधाना विकासखंड की निवासी रजनी राजा बुंदेला जिन्होंने आजीविका साड़ी सेल से अपने सपनों की उड़ान भरी और निरंतर आगे बढ़ती गईं।

 रजनी राजा बुंदेला बताती हैं कि वह 12वीं पास हैं।वह आर्थिक रूप से कुछ काम शुरू करके घर की आय में अपना योगदान देना चाहती थीं तब स्व सहायता समूह से जुड़ीं। समूह की सचिव, ग्राम संगठन की सदस्‍य एवं दुर्गा सीएलएल की भी सदस्‍य हैं।


रजनी ने बताया कि आजीविका मिशन से जुड़ने से पहले मेरी आर्थिक हालत बहुत खराब थी। मेरे भी कुछ सपने थे।आजीविका मिशन अंतर्गत वह 2011 से समूह से जुड़ीं। इण्‍टर पास करने के बाद यह लगा कि मुझे भी आगे बढना चाहिए, मुझे भी कुछ करना चाहिए। रजनी ने बताया कि तब उन्होंने ग्राम संगठन से  ड़ेढ लाख रूपए का लोन लेकर राजपूतानी आजीविका साडी सेल के नाम से खनियाधाना में दुकान खोली। उनको इस दुकान से ढाई लाख रूपए का फायदा हुआ। इस तरह उन्‍होंने ढाई लाख का और माल भरा तब उनको और आमदनी हुई। जब उनकी आमदनी ठीक होने लगी तो मुझे भी लगा कि खेती के लिए कुछ साधन हो इसके लिए 2 लाख जमा करके ट्रेक्‍ट्रर फाइनेंस करवाया और उसकी किस्‍त भरी। रजनी को दुकान और ट्रेक्‍ट्रर दोनों से फायदा हुआ तो उन्‍होंने प्‍लॉट लिया। इसके बाद  उन्‍होंने एक गाडी खरीदकर किराये पर लगायी। 

रजनी ने प्रशिक्षण लेकर एफएमडब्‍ल्‍यू की सीआरपी बनी तब उन्‍होंने उससे भी पैसा कमाया और एक केन्‍द्र भी खुला उसमें प्रशिक्षण लेकर समता सखी के रूप में भी कार्य किया।  इसके बाद भी मैंने अपनी मेहनत औंर सपने रोके नहीं और आगे बढ़ती गयी। रजनी की अभी तक सलाना आमदनी लगभग 5 लाख रूपए तक हो जाती है और लगातार वह मेहनत और लगन से काम कर रहीं हैं।

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