यातायात व्यवस्था पूरी तरह फेल
हर रोज़ इस रूट पर सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहते हैं। स्कूली बच्चों की बसें लेट हो रही हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। कई महीनों से ट्रक चालक इस मार्ग पर ट्रकों को सड़क के किनारे खड़ा कर देते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और दोतरफा यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है।
“मौत को न्योता दे रहा ये जाम”
कुछ दिनों पहले ही इसी मार्ग पर एक बाइक सवार ट्रक की चपेट में आ गया, क्योंकि वह ट्रकों के बीच से रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा था। यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें जानें भी गई हैं।
प्रशासन की उदासीनता पर जनता में रोष
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन न तो कोई ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती हुई और न ही ट्रकों के लिए वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था बनाई गई। प्रशासन की निष्क्रियता अब हादसों की वजह बन रही है।
जनता की मांग:
ट्रकों की अवैध पार्किंग पर तत्काल रोक लगे
ट्रकों के लिए अलग पार्किंग ज़ोन बनाया जाए
इस मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस की 24x7 निगरानी हो
स्कूल बसों और इमरजेंसी वाहनों को सुरक्षित निकलने के लिए विशेष लेन बनाई जाए


