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बॉलीवुड अभिनेट्री हुमा कुरैशी ने पैपराजी संस्कृति पर क्या राय रखी? Breaking News Update
मुंबई में, सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, बॉलीवुड अभिनेट्री हुमा कुरैशी ने हाल ही में फिल्म उद्योग में पैपराजी संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बेबाक राय साझा की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मीडिया प्रचलन के अच्छे और बुरे दोनों पहलू हैं, जिस पर अक्सर बहस होती रहती है।
हुमा ने जोर देकर कहा कि पैपराजी के साथ उनका संबंध काफी सकारात्मक रहा है और वे इंडस्ट्री का एक अनिवार्य हिस्सा हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार बॉलीवुड सितारे खुद ही पैपराजी को बुलाते हैं, खासकर जब उन्हें अपनी फिल्मों का प्रचार करना होता है या अपनी निजी जिंदगी के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक करना होता है।
कुरैशी ने आगे बताया कि जब किसी फिल्म का प्रीमियर होता है या कोई बड़ा इवेंट होता है, तो अभिनेता और अभिनेत्रियां अक्सर खुद पैपराजी को आमंत्रित करते हैं ताकि उन्हें व्यापक कवरेज मिल सके।
उन्होंने कहा, "जब हम चाहते हैं कि हमें किसी खास जगह देखा जाए, तो हम उन्हें ही कॉल करते हैं।
ऐसे में सारा दोष सिर्फ पैपराजी पर मढ़ना गलत होगा।
" उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई बार जब वह खुद को अच्छी हालत में महसूस नहीं करतीं, तो वह पैपराजी से अपनी तस्वीरें पोस्ट न करने का अनुरोध करती हैं, और वे आमतौर पर उनके इस आग्रह का सम्मान करते हैं।
हालांकि, हुमा कुरैशी ने पैपराजी संस्कृति के नकारात्मक पहलुओं को भी स्वीकार किया।
उन्होंने चिंता व्यक्त की कि कभी-कभी पैपराजी व्यक्तिगत जीवन में अत्यधिक हस्तक्षेप करने वाले प्रश्न पूछते हैं या ऐसे एंगल से तस्वीरें लेते हैं जो अनुचित हो सकते हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर चीज की एक सीमा होती है जिसे किसी को भी पार नहीं करना चाहिए, भले ही वह ग्लैमर की दुनिया और सिनेमा का हिस्सा क्यों न हो।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बॉलीवुड में गोपनीयता और सार्वजनिक जीवन के बीच की पतली रेखा पर लगातार चर्चा हो रही है।
- हुमा कुरैशी ने पैपराजी कल्चर के अच्छे और बुरे दोनों पहलू बताए।
- अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि सितारे खुद प्रमोशन के लिए पैपराजी को बुलाते हैं।
- उन्होंने निजी जीवन में दखल और अनुचित फोटो एंगल को गलत बताया।
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Posted on 15 December 2025 | Check सत्यालेख.com for more coverage.
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