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राष्ट्रीय हवाई यात्रा पर संकट: इंडिगो सीईओ को कारण बताओ नोटिस, सरकार की कार्रवाई Government Addresses Indigo Flight Crisis
सत्यालेख की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंडिगो फ्लाइट संकट गहराने के बाद सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं।
केंद्र ने एयरलाइन को अगले 48 घंटों के भीतर यात्रियों के सामान का पता लगाकर उसे पहुंचाने और रद्द या विलंबित उड़ानों के लिए 7 दिसंबर की रात 8 बजे तक पूर्ण रिफंड प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
यह निर्देश ऐसे समय आया है जब शनिवार को 800 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर हवाई यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, इंडिगो ने दावा किया है कि उसने अपने 95% मार्गों पर कनेक्टिविटी फिर से स्थापित कर ली है और 138 में से 135 गंतव्यों पर उड़ानें संचालित कर रही है, लेकिन कंपनी ने यह भी स्वीकार किया है कि लोगों का भरोसा दोबारा जीतने में काफी समय लगेगा।
इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए, सरकार ने शनिवार को इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
इसके साथ ही, अन्य एयरलाइंस द्वारा किराए में की गई वृद्धि पर भी सरकार ने तुरंत रोक लगा दी है।
देश भर में हवाई यात्रा को सुलभ बनाए रखने के लिए केंद्र ने हवाई किराए की एक सीमा निर्धारित की है।
अब कोई भी एयरलाइन 500 किमी तक की दूरी के लिए 7500 रुपए से अधिक, और 500-1000 किमी तक की दूरी के लिए 12000 रुपए से अधिक किराया नहीं ले पाएगी।
अधिकतम किराया 18000 रुपए तय किया गया है, हालांकि यह सीमा बिजनेस क्लास पर लागू नहीं होगी।
यह कदम दर्शाता है कि भारत सरकार यात्रियों के हितों की रक्षा और हवाई यात्रा क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- सरकार ने इंडिगो को 7 दिसंबर रात 8 बजे तक रिफंड प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया।
- इंडिगो के CEO को 24 घंटे में जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
- सरकार ने अन्य एयरलाइंस के बढ़ते हवाई किराए पर रोक लगाकर नई किराया सीमा तय की।
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Posted on 07 December 2025 | Stay updated with सत्यालेख.com for more news.
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