त्याग और संघर्ष की मिसाल
इस बड़ी उपलब्धि के पीछे मध्यप्रदेश नर्सिंग प्रतिनिधि शिवराज सिंह राजपूत की कड़ी मेहनत और अटूट लगन रही है। राजपूत पिछले काफी समय से वेतन निर्धारण की जटिलताओं को लेकर सरकार से निरंतर निवेदन और पैरवी कर रहे थे।
इस लड़ाई को अंजाम तक पहुँचाने के लिए उन्होंने एक बड़ी व्यक्तिगत आहुति भी दी। नर्सिंग हितों की रक्षा और इस मांग को पूरा कराने के संकल्प के साथ शिवराज सिंह राजपूत ने अपने जिला अध्यक्ष के पद से भी इस्तीफा दे दिया था। उनके इसी समर्पण और 'पद से ऊपर समाज हित' की भावना का परिणाम है कि आज हजारों नर्सिंग ऑफिसर को उनका हक प्राप्त हो रहा है।
प्रमुख उपलब्धियां:
* IFMIS पोर्टल पर समाधान: सरकार ने तकनीकी बाधाओं को दूर कर पोर्टल पर वेतन निर्धारण की सुविधा लाइव कर दी है।
* नर्सिंग संवर्ग में उत्साह: इस निर्णय से प्रदेश के समस्त नर्सिंग ऑफिसर के वेतन निर्धारण का रास्ता साफ हो गया है, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा।
* जीत का श्रेय: समस्त नर्सिंग समुदाय इस जीत का श्रेय शिवराज सिंह राजपूत के निस्वार्थ संघर्ष और उनके अटूट नेतृत्व को दे रहा है।
शिवराज सिंह राजपूत की इस मेहनत और त्याग ने यह साबित कर दिया है कि यदि लगन सच्ची हो तो बड़े से बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। नर्सिंग जगत ने इस निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए सरकार का आभार माना है।


