शिवपुरी में दबंगई: देहात थाने के अंदर महिला से बेरहमी से मारपीट, वीडियो बनाकर किया वायरल; न्याय के लिए एसपी की चौखट पर पहुंची पीड़िता

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 पीड़िता का आरोप- पति और उसके परिजनों ने थाने में पीटा, 4 माह की बच्ची को जान से मारने की मिल रही धमकी। पुलिस पर ठोस कार्रवाई न करने का आरोप।


शिवपुरी। जिले के देहात थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि जब वह अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची, तो आरोपियों ने देहात थाने के अंदर ही उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। कार्रवाई न होने और लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों के बाद पीड़िता ने 19 फरवरी को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।


क्या है पूरा मामला?

लुधावली (थाना देहात) निवासी पीड़िता आरती प्रजापति ने एसपी को सौंपे गए शिकायती आवेदन में बताया है कि नंदू राठौर (पुत्र गणेशाराम राठौर) ने उसे अपने जाल में फंसाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। पूर्व में न्यायालय में चले एक प्रकरण में दोनों के बीच राजीनामा हुआ था, जिसके बाद नंदू ने उसे पत्नी बनाकर रखा। इस संबंध से उनकी एक 4 माह की बेटी (अतिका) भी है।


पीड़िता का आरोप है कि नंदू और उसका परिवार—जिसमें उसका भाई चंपा राठौर, विवाहिता पत्नी हेमलता राठौर, बेटा विनय राठौर और साला देवेन्द्र राठौर शामिल हैं—उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।


बीच सड़क पर रोका, फिर थाने में पीटा

शिकायत के अनुसार, 16 फरवरी 2026 की सुबह करीब 9:00 बजे जब आरती लुधावली में गोपाल आटा चक्की के पास से गुजर रही थी, तभी नंदू ने उसे रोककर बुरी तरह पीटा। जब पीड़िता इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस थाना देहात गई, तो वहां पहले से मौजूद नंदू की पत्नी हेमलता, बेटा विनय और साला देवेन्द्र ने थाने के अंदर ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने थाने में ही उसे जान से मारने की धमकी दी और पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया।


दर्ज हुई एफआईआर, लेकिन कार्रवाई नहीं

इस घटना के बाद देहात थाने में 16 फरवरी को ही एफआईआर (अपराध क्रमांक 0056) दर्ज की गई। लेकिन पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उल्टे, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़िता के खिलाफ ही झूठी शिकायत दर्ज करा दी है।


गंभीर आरोप और धमकियां

आरती ने अपने आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाए हैं:


आरोपी उस पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं और रिपोर्ट वापस न लेने पर 4 माह की दूधमुंही बच्ची को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।


नंदू राठौर का भाई चंपा राठौर उसे अश्लील मैसेज भेजता है।


नंदू राठौर एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिस पर कई मामले दर्ज हैं और वह अपने होटल से अवैध शराब का कारोबार करता है।


सुरक्षा की गुहार

दहशत में जी रही आरती ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और उसकी व उसकी बच्ची की जान-माल की रक्षा की जाए। उसने स्पष्ट कहा है कि भविष्य में यदि उसके या उसकी बच्ची के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके जिम्मेदार उक्त आरोपी ही होंगे। पीड़िता ने घटना के सभी साक्ष्य (फोटो और वीडियो) जरूरत पड़ने पर प्रस्तुत करने की बात भी कही है।


अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में देहात पुलिस क्या कार्रवाई करती है और थाने के अंदर मारपीट करने वाले आरोपियों पर क्या एक्शन लिया जाता है।

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