कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित करैरा विधायक रमेश खटीक ने जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए किसानों को शासन की भावांतर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि किसान सरसों फसल में इस योजना का लाभ किस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने किसानों से अपने खेतों में नरवाई न जलाने तथा प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कृषि मेले का आयोजन प्रत्येक विधानसभा स्तर पर किए जाने की आवश्यकता भी बताई, जिससे अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें।
कार्यक्रम में अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने किसानों को मोटे अनाज (श्री अन्न) के उत्पादन, जैविक खेती के उपयोग तथा फसलों में यूरिया के संतुलित उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
मेले में आयोजित तकनीकी सत्र में डॉ. किरण रावत द्वारा आत्मा, मिलेट्स एवं तिलहन मिशन तथा परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक खेती पर विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एम.के. भार्गव एवं डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने किसानों को फसलों की उन्नत तकनीक, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा कृषि समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी प्रदान की।
इसके साथ ही पशुपालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्य विभाग एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा भी तकनीकी सत्र के माध्यम से विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रगतिशील किसान वीरू ओझा ने किसानों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए पशुपालन के माध्यम से आय बढ़ाने के विभिन्न उपायों के बारे में बताया।
मेले में विभिन्न विभागों द्वारा कृषि योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों एवं कृषि यंत्रों से संबंधित प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए। साथ ही आईसीसीओए (ICCOA) संस्था एवं सृजन संस्था द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए, जो किसानों के आकर्षण का केंद्र रहे।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष हेमलता रावत, संभागीय अध्यक्ष जिला किसान संघ कल्याण सिंह यादव, जिला अध्यक्ष किसान संघ बृजेश धाकड़ तथा प्रांतीय अध्यक्ष किसान संघ पवन शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विजयराज, संयुक्त संचालक कृषि आर.एस. शाक्यवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे


