शहनाइयों की गूंज से पहले बिछ गई लाशें; कोमा में 5 दिन जूझने के बाद दुल्हन साक्षी ने भी तोड़ा दम

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 शिवपुरी अशोकनगर। नियति का क्रूर खेल देखिए, जिस घर में 11 मार्च को ढोल-नगाड़ों की थाप पर खुशियाँ मनाई जानी थीं, वहाँ आज सन्नाटा और सिसकियाँ हैं। शिवपुरी जिले के कोलारस निवासी जैन परिवार की बेटी साक्षी जैन की डोली उठने से पहले ही उसकी अर्थी सज गई। 10 मार्च को हुए भीषण सड़क हादसे में 5 दिनों तक मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार साक्षी ने भोपाल के अस्पताल में अंतिम सांस ली।

हादसे का खौफनाक मंजर

यह हादसा मंगलवार, 10 मार्च को दोपहर करीब 12 बजे अशोकनगर के नईसराय-शाढ़ौरा रोड पर बरखेड़ा गांव के पास हुआ। साक्षी का परिवार चार गाड़ियों के काफिले में विदिशा के गंजबासौदा शादी के लिए जा रहा था। रास्ते में दूसरे नंबर पर चल रही उनकी अर्टिगा कार की सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो से सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और साक्षी के जीजा वैभव जैन (निवासी ब्यावरा) की मौके पर ही मौत हो गई।

अब तक 4 लोगों की मौत

इस दर्दनाक हादसे ने अब तक चार जिंदगियाँ निगल ली हैं, साक्षी जैन: दुल्हन, जिसकी शादी अगले दिन होनी थी। वैभव जैन: साक्षी के जीजा, जिनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।राहुल यादव: बोलेरो कार का चालक।सौरभ खटीक: अर्टिगा कार का चालक।

परिवार में मचा कोहराम

हादसे में साक्षी की माँ शीला बाई (55), दादी प्रेम बाई (80), बहन पूजा जैन और डेढ़ साल की मासूम बच्ची सहित 6 लोग घायल हुए थे, जिनका उपचार जारी है। गंजबासौदा में जहाँ शादी के गार्डन सज चुके थे, वहाँ अब डेकोरेशन उतारा जा रहा है। दूल्हा पक्ष, जिसने ओसवाल धर्मशाला किराए पर ली थी, वह भी गहरे सदमे में है।

सबक: जो हमें सीखने की जरूरत है

यह घटना हमें कुछ कड़वे सबक सिखाती है, जिन्हें अनदेखा करना जानलेवा हो सकता है, तेज रफ्तार का लालच: चश्मदीदों के अनुसार, बोलेरो चालक बेहद तेज और अनियंत्रित गति से वाहन चला रहा था। सड़क पर आपकी कुछ सेकंड की जल्दबाजी किसी के पूरे परिवार को तबाह कर सकती है। सुरक्षित दूरी और सतर्कता: काफिले में चलते समय अक्सर ड्राइवर एक-दूसरे के करीब रहने की कोशिश करते हैं। वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना अनिवार्य है।खुशियों में सावधानी: शादी-ब्याह के उत्साह में अक्सर लोग थकान और नींद की परवाह किए बिना लंबी दूरी तक गाड़ी चलाते हैं। ड्राइवर का पूरी तरह सतर्क और विश्राम के साथ होना जरूरी है।सड़क नियमों की प्राथमिकता: "सावधानी हटी, दुर्घटना घटी" केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन की हकीकत है। नियम आपके और आपके अपनों की सुरक्षा के लिए हैं। “साक्षी के हाथों की मेहंदी अभी सूखी भी नहीं थी कि वह दुनिया छोड़ गई। ईश्वर इस परिवार को संबल प्रदान करे। कृपया सड़क पर चलते समय संयम बरतें, क्योंकि घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।

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