गहराई और गंदगी का अंबार
स्थानीय निवासी शौकत अली के अनुसार, यह गड्ढा लगभग 8 से 10 फीट गहरा है। इसमें न केवल गंदगी और कीचड़ भरा हुआ है, बल्कि स्थानीय लोगों का कहना है कि जाधव सागर से निकलकर मगरमच्छ भी इस ओर आ जाते हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
हो चुके हैं कई हादसे
इस खुले चेंबर के कारण अब तक कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि अब तक दो-तीन गाड़ियां इस कीचड़ भरे गड्ढे में गिर चुकी हैं। सड़क के बिल्कुल किनारे होने के कारण, विशेषकर रात के समय और शादियों के सीजन में जब भीड़भाड़ अधिक होती है, यहाँ किसी बड़ी जनहानि का खतरा बना रहता है।
प्रशासन की चुप्पी और जन आक्रोश
वार्ड 26 के निवासियों का कहना है कि दिन के समय तो लोग सावधानी बरत लेते हैं, लेकिन अंधेरा होते ही यह स्थान जानलेवा हो जाता है। स्थानीय लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते इस खुले चेंबर को ढका नहीं गया या यहाँ सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
अब देखना यह है कि क्या नगर पालिका प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है या इस 'मौत के कुएं' को बंद कर जनता को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा।


