स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में नियमित जल आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सुबह से घंटों तक पानी का इंतजार करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि गर्मी अपने चरम पर है, लेकिन पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
रहवासियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ना तो वार्ड पार्षद (मेंबर) इस गंभीर समस्या पर ध्यान दे रहे हैं और ना ही नगर पालिका प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि लोगों को पीने के पानी के लिए लाइन में लगना पड़े, तो यह विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि चुनाव के समय नेताओं द्वारा बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर कब शिवपुरी शहर को पानी की किल्लत से राहत मिलेगी? क्या आम नागरिक अपने जरूरी काम छोड़कर दिनभर पानी की व्यवस्था में ही समय बिताता रहेगा?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द वार्ड क्रमांक 16 में पेयजल संकट का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं।


