1000 ट्रैक्टर प्याज पहुंचने से मंडी में बढ़ी रौनक, अच्छी क्वालिटी को मिले बेहतर दाम
मंडी अध्यक्ष इरशाद राहीन बोले— ग्रेडिंग कर लाएं माल, किसानों को मिलेगा अधिक लाभ
शिवपुरी। जिला शिवपुरी कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को प्याज की रिकॉर्ड और बंपर आवक देखने को मिली। सुबह से ही मंडी परिसर किसानों, व्यापारियों और हम्मालों की आवाजाही से गुलजार नजर आया। जिले सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान अपनी प्याज की फसल लेकर मंडी पहुंचे, जिससे पूरे दिन मंडी में रौनक और व्यापारिक गतिविधियां बनी रहीं।
जानकारी के अनुसार मंडी में आज करीब 1000 ट्रैक्टर प्याज की आवक दर्ज की गई। इतनी बड़ी मात्रा में उपज पहुंचना जिले में बेहतर उत्पादन और किसानों की मेहनत का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। भारी आवक के चलते प्याज के भाव में करीब 100 से 150 रुपए तक का हल्का उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला, लेकिन अच्छी क्वालिटी और ग्रेडिंग वाली प्याज को व्यापारियों द्वारा अच्छे दाम दिए गए।
मंडी के हालात को लेकर सब्जी मंडी अध्यक्ष इरशाद राहीन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में आज प्याज की आवक काफी अधिक रही। बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने से मंडी में व्यापारिक गतिविधियां तेज रहीं और लगातार बोली प्रक्रिया चलती रही। व्यापारियों ने भी उत्साह के साथ बड़ी मात्रा में प्याज की खरीदारी की।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान अपनी प्याज को साफ-सुथरी ग्रेडिंग करके मंडी में लाएं। अच्छी तरह छांटी गई और सूखी प्याज को बाजार में बेहतर कीमत मिलती है। उन्होंने कहा कि यदि किसान गुणवत्ता पर ध्यान देंगे तो उन्हें उनकी उपज का अधिक लाभ मिलेगा और बाजार में उनकी फसल की मांग भी बढ़ेगी।
इरशाद राहीन ने यह भी बताया कि मंडी प्रशासन किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत कर रहा है। भारी आवक के बावजूद किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए तौल, बोली और माल निकासी की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित किया गया।
दिनभर मंडी में खरीद-बिक्री को लेकर उत्साह का माहौल बना रहा। किसानों ने उम्मीद जताई कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी क्वालिटी की प्याज की मांग इसी तरह बनी रही तो उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा। वहीं व्यापारियों का कहना है कि अच्छी क्वालिटी की प्याज की बाजार में लगातार मांग बनी हुई है।
शिवपुरी मंडी में प्याज की यह बंपर आवक जिले की कृषि क्षमता और किसानों की मेहनत को दर्शाती है। यदि किसान फसल की गुणवत्ता और ग्रेडिंग पर विशेष ध्यान दें तो भविष्य में उन्हें और बेहतर दाम मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।


