जानकारी के अनुसार, इंटरसिटी बस मक्सी जैन पथ पर चाय-नाश्ते के लिए रुकी थी। उस समय बस में सवार करीब 90 प्रतिशत यात्री नीचे उतरकर चाय-पानी लेने लगे थे। इसी दौरान अचानक बस में आग लग गई और देखते ही देखते महज दो मिनट के भीतर पूरी बस आग का गोला बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मौके पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने किसी तरह बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग ने कुछ ही देर में बस को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।
प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि बस के एसी सिस्टम में विस्फोट (फटने) के कारण यह हादसा हुआ, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
बताया जा रहा है कि शिवपुरी के प्रोफेसर प्रदीप भार्गव एवं उनकी पत्नी श्रीमती मालती शर्मा सहित कई यात्रियों ने आग लगने के दौरान बस से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल टीम मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस हादसे ने बसों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी जांच को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


