कोलारस | ग्राम चन्दैनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस कथा व्यास द्वारा भक्त ध्रुव चरित्र एवं भगवान विष्णु के वराह अवतार का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कथा व्यास ने कहा कि बालक ध्रुव ने कठिन तपस्या और अटूट भक्ति के बल पर भगवान विष्णु को प्रसन्न कर अमर स्थान प्राप्त किया। ध्रुव चरित्र से हमें धैर्य, श्रद्धा और संकल्प की प्रेरणा मिलती है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए।
इसके बाद भगवान के वराह अवतार का प्रसंग सुनाते हुए बताया गया कि जब पृथ्वी संकट में पाताल लोक में चली गई थी, तब भगवान विष्णु ने वराह अवतार लेकर पृथ्वी का उद्धार किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल “जय श्री हरि” और “राधे-राधे” के जयघोष से गूंज उठा।
कथा स्थल पर भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।


