आवेदन में दावा किया गया है कि कई लोगों ने गार्ड के व्यवहार को लेकर शिकायतें की हैं और आरोप लगाया है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और अटेंडरों के साथ कथित रूप से अभद्रता की जाती है। विरोध करने पर पुलिस कार्रवाई और गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं ने कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि एक मामले में परिवार ने मरीज के पास जाने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया और विवाद की स्थिति बनी। वहीं दूसरे मामले में भी परिजनों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने की बात कही गई है।
आवेदनकर्ताओं का कहना है कि अस्पताल इलाज और सहायता का स्थान है, ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों पर जिला चिकित्सालय प्रबंधन या संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है।


