पिपरसमा गांव पहुंचे भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष सुनील बैरसिया, पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की उठाई मांग

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शिवपुरी। पिपरसमा गांव की घटना को लेकर भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष  पीड़ित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कई परिवारों से घर-घर जाकर बातचीत की। बताया गया कि कुछ घरों पर ताले लगे मिले, जिसके बाद उन्होंने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।

सुनील बैरसिया ने कहा कि किसी भी बहन-बेटी के साथ गलत होता है तो हम उनके साथ हैं  और हम इस मामले से प्रशासन से    न्याय की मांग करते हैं। घटना से जुड़े वीडियो और जानकारी सामने आने के बाद भीम आर्मी ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दोषी है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी भी दबंग व्यक्ति या समूह को खुद कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। देश में संविधान और लोकतंत्र का शासन है, जहां फैसला न्यायालय और कानून के माध्यम से होता है।

उन्होंने कहा कि किसी विशेष जाति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता और न ही किसी को सजा देने का अधिकार आम लोगों को है। प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिपरसमा गांव के एक युवक और युवती ने अपनी इच्छा से गुजरात में विवाह किया था। इसके बाद युवती के परिजनों की ओर से थाना देहात में शिकायत दर्ज कराई गई। बताया जा रहा है कि पुलिस दोनों को गुजरात से शिवपुरी लेकर आ रही थी। इस पूरे मामले में कई सवाल उठ रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

वहीं यह भी आरोप सामने आए हैं कि जाटव समाज के करीब 30-35 परिवारों को धमकियां मिलने के कारण कई परिवार डर के माहौल में अपने घरों से दूर चले गए हैं। यदि यह जानकारी सही है तो यह कानून व्यवस्था का गंभीर विषय है। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान न किया जाए।

उन्होंने कहा कि संविधान हर नागरिक को समानता, सुरक्षा और अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार देता है। किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी या सामाजिक दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। कानून का राज कायम रहना चाहिए और पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए।

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