शिवपुरी, खरीफ सीजन 2026 के दौरान जिले के किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल की गई है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशन में थोक उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध स्टॉक की निगरानी एवं वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने हेतु निरीक्षण दलों का गठन किया गया है।
जिले में उर्वरकों का वितरण ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। प्राप्त फीडबैक के अनुसार, कई स्थानों पर थोक विक्रेताओं के पास उपलब्ध स्टॉक उनकी थोक आईडी में होल्ड रहने के कारण किसानों को ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए निर्देश दिए गए हैं कि थोक विक्रेता उपलब्ध स्टॉक को अपनी रिटेल आईडी में स्थानांतरित करें अथवा अन्य खुदरा विक्रेताओं को उपलब्ध कराएं, ताकि किसानों को स्थानीय स्तर पर समय पर उर्वरक प्राप्त हो सके।
निरीक्षण के लिए गठित दलों में संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, उप संचालक/सहायक संचालक कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी तथा संबंधित क्षेत्र के पटवारी शामिल रहेंगे। दल अपने कार्यक्षेत्र के सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का भौतिक निरीक्षण कर वास्तविक स्टॉक का ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान करेंगे।
निरीक्षण के दौरान थोक विक्रेताओं के पास उपलब्ध उर्वरक स्टॉक को तत्काल रिटेल आईडी अथवा अन्य सक्रिय खुदरा विक्रेताओं को ऑनलाइन ट्रांसफर कराए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही ई-विकास प्रणाली पर प्रतिदिन होने वाली बुकिंग एवं स्टॉक की स्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगा


