बैठक के दौरान सीईओ अशोक शर्मा ने कहा कि वर्तमान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों का शीघ्र निपटान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी समय में योजना के स्वरूप एवं संचालन संबंधी नए प्रावधान लागू हो सकते हैं, इसलिए सभी पंचायतें अपने अधूरे कार्यों को समय रहते पूर्ण करें और संबंधित अभिलेखों का संधारण व्यवस्थित रखें।
उन्होंने सरपंचों एवं सचिवों को निर्देशित किया कि जिन कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी है, उनका उपयोग नियमानुसार करते हुए कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाए। यदि समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण नहीं किए गए अथवा राशि का उपयोग नहीं हुआ, तो शेष राशि शासन के निर्देशानुसार वापस जनपद पंचायत के खाते में जमा करानी पड़ सकती है।
सीईओ ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंचायत स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग कर कार्यों की प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास के उद्देश्य पूरे हो सकें।
बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित समस्याओं और सुझावों को रखा, जिनके निराकरण का आश्वासन अधिकारियों द्वारा दिया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायतों के सचिव एवं सरपंच बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सीईओ का संदेश: "मनरेगा के सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। समय पर कार्यों का निपटान नहीं होने पर संबंधित राशि वापस जमा कराने की कार्रवाई की जा सकती है।"


