पिछोर। शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ग्राम पंचायत की सरपंच और उसके पति को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त कार्यालय में 3 जुलाई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत जंगीपुरा की सरपंच द्वारा कपिल धारा कूप योजना के तहत स्वीकृत कुएं के निर्माण कार्य के बिल पर हस्ताक्षर करने और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।
लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता रिश्वत की राशि लेकर पहुंचा, जहां सरपंच और उसके पति ने 20 हजार रुपये स्वीकार किए। जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
यह कार्रवाई दिनारा स्थित रेस्ट हाउस में की गई, जहां रिश्वत का लेन-देन होना तय हुआ था। लोकायुक्त टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली। कार्रवाई के दौरान आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं और सरपंच के पति खेमचंद को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में सरपंच की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि योजना के तहत और कितने लोगों से अवैध वसूली की गई है।
इस कार्रवाई को ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी पहल माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय योजनाओं में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।


