शिवपुरी। जिले के दुग्ध विक्रेताओं ने डेयरी व्यापार संघ द्वारा दूध की खरीद दर में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती किए जाने का विरोध करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। विक्रेताओं का आरोप है कि डेयरी व्यापार संघ ने पूर्व में हुए लिखित समझौते का उल्लंघन करते हुए मनमाने तरीके से भुगतान कम कर दिया है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि 28 मई 2026 को मिठाई विक्रेताओं, डेयरी व्यापार संघ और दुग्ध विक्रेताओं के बीच हुए समझौते के अनुसार 29 मई 2026 से दूध की दर 55 रुपये प्रति लीटर तय की गई थी। यह दर आगामी दो वर्षों के लिए लागू रहने पर सहमति बनी थी। साथ ही यह भी तय किया गया था कि दो वर्ष बाद दूध के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की जाएगी।
दुग्ध विक्रेताओं का कहना है कि इसके बावजूद डेयरी व्यापार संघ ने तय शर्तों के विपरीत 5 रुपये प्रति लीटर कम भुगतान शुरू कर दिया है। बढ़ती महंगाई, पशुओं के चारे और पानी की बढ़ती लागत के कारण पहले से ही खर्च बढ़ गया है, ऐसे में कम दर पर दूध बेचना उनके लिए संभव नहीं है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि डेयरी व्यापार संघ को लिखित समझौते के अनुसार ही दूध का भुगतान करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिनों के भीतर विवाद का समाधान नहीं हुआ, तो जिले के सभी दुग्ध विक्रेता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित पक्ष की होगी।
ज्ञापन पर दुग्ध विक्रेता यूनियन के अध्यक्ष मुकेश गुर्जर सहित कई दुग्ध विक्रेताओं के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।


