किसानों का कहना है कि मंडी में शौचालय और बाथरूम होने के बावजूद उनकी नियमित सफाई नहीं की जाती। गंदगी और बदबू के कारण उनका उपयोग करना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में कई किसान खुले में शौच जाने को विवश हैं, जिससे न केवल असुविधा होती है बल्कि स्वच्छता अभियान की भी खुली धज्जियां उड़ रही हैं।
किसानों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की शिकायत मंडी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मंडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर आते हैं, फिर भी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है।
किसानों ने मांग की है कि मंडी सचिव तत्काल सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराएं, शौचालयों एवं स्नानघरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें तथा किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो किसानों में आक्रोश बढ़ सकता है और वे मंडी प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि करोड़ों रुपये के कारोबार वाली कृषि उपज मंडी में यदि किसानों को सम्मानजनक और स्वच्छ मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी, तो यह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


