नरवर क्षेत्र में अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नरवर थाना प्रभारी विनय कुमार यादव और नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं और ग्रामीणों से शांतिपूर्ण माहौल में बातचीत शुरू की। करीब पांच घंटे तक लगातार चली चर्चा के दौरान अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की एक-एक समस्या को गंभीरता से सुना और उनके समाधान का भरोसा दिलाया।
प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन और समस्याओं के निराकरण की बात पर आदिवासी महिलाओं और ग्रामीणों ने सहमति जताई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त करते हुए चक्का जाम हटा लिया। जाम हटते ही सड़क पर फंसे वाहनों का आवागमन फिर से शुरू हो गया और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की समस्याओं का नियमानुसार परीक्षण कर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने भी उम्मीद जताई कि इस बार उनकी मांगों पर गंभीरता से काम होगा। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की बात कह रहे हैं।
करीब पांच घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज घटनाक्रम के बाद प्रशासन की समझाइश और आश्वासन से स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। फिलहाल इलाके में शांति का माहौल है और पुलिस-प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।


