आयोजन समिति के अनुसार उर्स कार्यक्रम की शुरुआत 8 जुलाई को मीलाद शरीफ से होगी। वहीं 9 जुलाई की सुबह गुस्ल एवं दस्तूर की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद शाम 4 बजे जामा मस्जिद रन्नौद से पारंपरिक चादर जुलूस निकाला जाएगा, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ दरगाह शरीफ पहुंचेगा। यहां अकीदतमंदों द्वारा चादरपोशी एवं फातिहा के साथ विशेष दुआ की जाएगी।
चादरपोशी के पश्चात भव्य मंचीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसका उद्घाटन ** मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे। उद्घाटन समारोह के बाद उपस्थित अतिथियों का सम्मान किया जाएगा।
उर्स की सबसे खास आकर्षण सूफियाना रंग में रंगी भव्य कव्वाली महफ़िल होगी, जिसमें देश के प्रसिद्ध कव्वाल अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। इस अवसर पर फैजाबाद (उत्तर प्रदेश) के मशहूर कव्वाल शकीब अली साबरी, दिल्ली की प्रसिद्ध कव्वाल मोहतरमा ज़ारा बारसी तथा बेबी बारसी के बीच जोरदार कव्वाली मुकाबला होगा। सूफी कलाम, हम्द, नात और मनकबत की प्रस्तुतियों से पूरी रात दरगाह परिसर इबादत और आध्यात्मिक माहौल में सराबोर रहेगा।
आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों एवं दूर-दराज़ से आने वाले जायरीन से अधिक से अधिक संख्या में उर्स एवं कव्वाली महफ़िल में शामिल होकर कार्यक्रम की रौनक बढ़ाने की अपील की है।
कार्यक्रम एक नज़र में:
8 जुलाई: मीलाद शरीफ
9 जुलाई सुबह: गुस्ल व दस्तूर
शाम 4 बजे: जामा मस्जिद से चादर जुलूस
दरगाह पर: चादरपोशी एवं दुआ
मुख्य अतिथि: कोलारस विधायक महेन्द्र सिंह यादव
विशेष आकर्षण: शकीब अली साबरी (फैजाबाद), मोहतरमा ज़ारा बारसी (दिल्ली) एवं बेबी बारसी (दिल्ली) के बीच भव्य कव्वाली मुकाबला
"9 जुलाई, गुरुवार — रन्नौद आइए और सूफियाना कलाम की शानदार महफ़िल का आनंद लेना न भूलें।"


