पुलिस कभी वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती:
निरीक्षक रजनी सिंह चौहान ने कई रियल-लाइफ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और बिना सोचे-समझे किसी भी लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि—"पुलिस कभी भी आपको वीडियो कॉल या फोन पर अरेस्ट (डिजिटल अरेस्ट) जैसी कार्रवाई नहीं करती। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने को सूचना दें।"
सावधानी ही साइबर सुरक्षा की चाबी है:
साइबर सेल इंचार्ज उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह जाट ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए छात्रों को समझाया कि सही उम्र में ही और पूरी सावधानी के साथ सोशल मीडिया अकाउंट बनाएं। अपने पिन (PIN) और पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें। ऑनलाइन गेमिंग के चक्रव्यूह और अनजान मैसेज के रिप्लाई से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।
नोट कर लें ये जरूरी हेल्पलाइन नंबर्स:
साइबर सेल के आरक्षक जलज रावत ने बताया कि किसी भी साइबर ठगी या शिकायत के लिए तुरंत 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा शिवपुरी साइबर सेल के विशेष नंबर 7049123288 पर भी सीधे सूचना दी जा सकती है।
अतिथियों का हुआ सम्मान:
कार्यक्रम में देहात थाने के सहायक उपनिरीक्षक सुमित सिंह सेंगर, आरक्षक मिथुन कुशवाहा, लखन बघेल और महिला आरक्षक अंजली शर्मा ने भी छात्रों को जागरूक किया। इस दौरान अखलाक खान एवं प्राचार्य अभिजीत घोषाल ने पुलिस अधिकारियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में दून पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर डॉ. खुशी खान और शाहिद खान ने सभी का आभार व्यक्त किया।
खुद भी सतर्क रहें और अपने बच्चों को भी सुरक्षित रखें


