जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय विद्यालयों का किया निरीक्षण

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शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यवस्थाओं का लिया जायजा, आवश्यक सुधार के दिए निर्देश


शिवपुरी, जिले में शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गतदिवस कोलारस विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की नियमितता, स्वच्छता, प्रार्थना सभा, मध्यान्ह भोजन, शैक्षणिक अभिलेख तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन का विस्तृत निरीक्षण किया गया।


निरीक्षण की शुरुआत शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय कोलारस से हुई। निरीक्षण में विद्यालय की प्रार्थना सभा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संचालित होती पाई गई। कक्षाओं में विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन का अवलोकन किया गया तथा शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जा रहे विषयों की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान  कल्पना शर्मा (माध्यमिक शिक्षक), हरिशंकर मथनैया (सहायक ग्रेड-3) तथा  हेमंत मिश्रा (भृत्य) अनुपस्थित पाए गए। इस पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा सभी कर्मचारियों की नियमित एवं समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया।


इसके बाद शासकीय मॉडल उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय कोलारस का निरीक्षण किया गया। यहां विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम पाई गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन से विद्यार्थियों की कम उपस्थिति के कारणों की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि अनुपस्थित विद्यार्थियों के अभिभावकों से नियमित संपर्क किया जाए और विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे तथा शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विद्यालय के अभिलेखों, नामांकन, छात्र उपस्थिति पंजिका, शैक्षणिक प्रगति, पुस्तक वितरण, अकादमिक कैलेंडर के पालन एवं अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। उन्होंने विद्यालय परिसर को स्वच्छ, अनुशासित एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।


इसके पश्चात शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय गोराटीला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अतिथि शिक्षक प्रिंस राठौर एवं बलवीर गुर्जर अनुपस्थित पाए गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने शाला प्रभारी को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचकर नियमित रूप से अध्यापन कार्य करें तथा विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान किसी भी स्थिति में न होने दिया जाए। उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद किया, उनकी सीखने की प्रगति की जानकारी ली तथा शिक्षकों को प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने, कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने और सतत मूल्यांकन की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का समुचित उपयोग करने तथा शासन के निर्देशानुसार सभी गतिविधियों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने पर बल दिया।


जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति तथा विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रभारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करें तथा शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही हैं 

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