आवेदन के अनुसार, घटना 3 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 2 बजे की बताई गई है। मृतक अरविंद धाकड़ अपने पुत्र अंशुल धाकड़ के साथ खेत पर फसल देखने गए थे। इसी दौरान गांव के ही आरोपी ज्ञानी धाकड़, प्रकाश धाकड़, पवन धाकड़, हरिओम धाकड़ और बंटी धाकड़ वहां पहुंचे। खेत में ट्रैक्टर निकालने की बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए अरविंद धाकड़ के साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि मारपीट के बाद आरोपियों ने अरविंद धाकड़ पर ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल या डीजल) डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसे अरविंद धाकड़ को पहले पोहरी अस्पताल और बाद में शिवपुरी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि इलाज के दौरान अरविंद धाकड़ ने पुलिस और डॉक्टरों के सामने दिए गए कथनों में आरोपियों द्वारा मारपीट करने और पेट्रोल या डीजल डालकर आग लगाने की बात कही थी। इसके बावजूद पुलिस ने इन कथनों को उचित महत्व नहीं दिया और केवल धारा 108, 115(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध क्रमांक 203/2026 दर्ज कर लिया।
आवेदन में कहा गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु के बाद भी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज नहीं किया। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध हत्या (मर्डर) का प्रकरण दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
नोट: यह समाचार परिजनों द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में पुलिस का पक्ष या आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।


