नेता के अनुसार, शनिवार सुबह जब वह नींद से उठे तो उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से इसकी जानकारी ली। उनका कहना है कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उन्होंने प्रशासन का पूरा सहयोग किया तथा कानून और प्रशासन के सभी निर्देशों का सम्मानपूर्वक पालन किया।
उन्होंने बताया कि सुबह से लेकर देर शाम तक उन्हें शिवपुरी से सुरवाया थाने में रखा गया। देर रात प्रशासन द्वारा उन्हें सुरक्षित उनके शिवपुरी स्थित निवास पर छोड़ दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद नेता ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, वहीं कानून का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा प्रशासन का सहयोग किया है और भविष्य में भी कानून के दायरे में रहकर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान एहतियात के तौर पर की गई इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है कि संबंधित नेता को किस कारण से नजरबंद किया गया।
अब इस पूरे मामले पर लोगों की निगाहें प्रशासन के आधिकारिक पक्ष और आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।


