जल संरक्षण और किसानों के दीर्घकालिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता- कलेक्टर

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 कलेक्टर अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित 


शिवपुरी,  कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आज सिंध बहुउद्देशीय परियोजना अंतर्गत गठित जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरीफ एवं रबी सिंचाई, पेयजल आरक्षण, जलाशयों में उपलब्ध जल की स्थिति तथा आगामी मौसम की संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में करैरा विधायक  रमेश खटीक सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


 जलाशयों की वर्तमान स्थिति का किया गया तकनीकी परीक्षण 


बैठक में कार्यपालन यंत्री, सिंध परियोजना पक्का बांध संभाग मड़ीखेड़ा द्वारा जिले के प्रमुख जलाशयों की अद्यतन जल भराव स्थिति प्रस्तुत की गई। जानकारी के अनुसार अटल सागर (मड़ीखेड़ा बांध) में 484.32 एमसीएम (58.01 प्रतिशत), मोहिनी पिकअप वियर में 32.58 एमसीएम (32.67 प्रतिशत) तथा हरसी बांध में 261.39 एमसीएम (57.87 प्रतिशत) जल उपलब्ध है। तकनीकी रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान तथा सुपर एल-नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे अटल सागर बांध का जल स्तर निर्धारित ‘रूल कर्व’ से नीचे बना हुआ है।


 रबी सिंचाई और पेयजल सुरक्षा को प्राथमिकता 


समिति के समक्ष प्रस्तुत तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बताया गया कि वर्तमान जल उपलब्धता से खरीफ मौसम में नहरों का संचालन करना व्यवहारिक एवं तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। यदि इस समय खरीफ सिंचाई के लिए जल छोड़ा जाता है, तो फसल अवधि तक निरंतर जल आपूर्ति के कारण बांध का जल स्तर डेड स्टोरेज तक पहुंचने की आशंका रहेगी। ऐसी स्थिति में आगामी रबी मौसम के दौरान लगभग 58 हजार 229 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की सिंचाई प्रभावित हो सकती है तथा पेयजल उपलब्धता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।


 सर्वसम्मति से लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय 


बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं कृषकों की मांगों पर गंभीरता से विचार-विमर्श के उपरांत सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्तमान परिस्थितियों में खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए नहरों का संचालन नहीं किया जाएगा। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि यदि आगामी दिनों में वर्षा से जलाशयों में पर्याप्त जल आवक होती है और जल स्तर निर्धारित रूल कर्व से ऊपर पहुंचता है, तो खरीफ सिंचाई हेतु नहर संचालन पर पुनः विचार किया जाएगा।


 29 जुलाई को होगी अगली बैठक 


बैठक में टेल क्षेत्र ग्वालियर के प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आगामी बैठक 29 जुलाई 2026 को आयोजित किए जाने का निर्णय भी लिया गया, ताकि उपलब्ध जल संसाधनों का संतुलित, वैज्ञानिक एवं जनहितकारी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

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