कम प्रगति वाले विकासखंड पशुचिकित्सा अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश
शिवपुरी, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आज पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख अभियान एवं संचालित योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में क्षीरधारा ग्राम योजना, हिरण्यगर्भा अभियान, दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान, डॉ भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, आचार्य विद्यासागर योजना आदि की समीक्षा की गई। कलेक्टर वर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पशुपालन विभाग के उप संचालक डॉ एल आर शर्मा को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि स्थानीय अमले की सख्त मॉनिटरिंग की जाए। एक सप्ताह में योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति लाएं।
दल गठित करने के निर्देश
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने पशुपालन विभाग के उपसंचालक को दल गठित कर बदरवास, नरवर और खनियाधाना में गौशालाओं में गौ सत्यापन की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के व्यापक प्रचार के निर्देश
पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान संचालित किया गया है। इस अभियान के तहत पशुपालन विभाग के स्थानीय अमले द्वारा पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है। किस प्रकार पशुपालक संसाधनों की उपलब्धता का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। पशुपालकों को नियमित टीकाकरण, बीमारियों से पशु हानि से बचाव, कृत्रिम गर्भाधान के लाभ, सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना की जानकारी दी जा रही है। कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि इस अभियान के बारे में व्यापक प्रचार किया जाए ताकि पशुपालकों को छोटी-छोटी बारीकियों से अवगत कराया जा सके और वह पशुपालन के क्षेत्र में लाभ अर्जित कर सकें।
कम प्रगति पर नाराजगी, नोटिस जारी करने के निर्देश
कलेक्टर वर्मा ने योजनाओं के क्रियान्वयन में कम प्रगति देखकर नाराजगी व्यक्त की और ऐसे विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में सभी पशु चिकित्सा अधिकारी इन योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति लाएं अन्यथा सख्त कार्यवाही होगी।
गोरस ऐप का उपयोग करें पशुपालक
पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ एल आर शर्मा ने बताया कि गोरस एक हिंदी मोबाइल ऐप है, जो गाय, भैंस के लिए संतुलित आहार योजना बताता है। चुने हुए चारे संयोजन से अधिकतम दूध और न्यूनतम लागत की जानकारी पशुपालकों को मिलती है। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर निशुल्क उपलब्ध है। गोरस ऐप के माध्यम से अलग-अलग नस्लों के लिए अलग-अलग जानकारी प्राप्त की जा सकती है। पशुपालकों को इस ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है ताकि पशुपालन के लिए वह अपनी जानकारी बढ़ा सकें और बेहतर आय प्राप्त कर सकें।


