उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के ग्राम दतावली निवासी परशुराम कुशवाहा (50 वर्ष) ने कथित तौर पर गृह क्लेश से परेशान होकर सनकुआं घाट से सिंध नदी में छलांग लगा दी। तेज बहाव और गहरे पानी में डूबने के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन टीम के प्रभारी रामप्रकाश यादव अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। वहीं, नदी में मौजूद स्थानीय मछुआरों ने भी बिना देर किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। संयुक्त प्रयासों से काफी मशक्कत के बाद अधेड़ को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया। समय रहते रेस्क्यू होने से उसकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि कुछ मिनट और देरी हो जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
बचाव के बाद मौके पर पहुंची एफआरबी (डायल-112) की टीम ने घायल परशुराम कुशवाहा को तत्काल सिविल अस्पताल सेंवढ़ा पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल सामान्य और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
प्राथमिक पूछताछ में पीड़ित ने बताया कि वह गृह क्लेश से मानसिक रूप से परेशान था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। घटना के बाद सनकुआं घाट पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई।
बारिश के मौसम में सिंध नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से नदी किनारे और घाटों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
स्थानीय लोगों ने आपदा प्रबंधन टीम के प्रभारी रामप्रकाश यादव, उनकी टीम तथा बचाव में सहयोग करने वाले मछुआरों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और बहादुरी के कारण एक व्यक्ति की जान बच सकी।


