शिवपुरी में पार्षदों के विरोध पर बीजेपी जिला अध्यक्ष की सख्त चेतावनी, कहा- 'पार्टी विरोधी रुख अपनाया तो होंगे निष्कासित'

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बीजेपी, पार्षद विरोध, मुख्यमंत्री दौरा, अडानी ग्रुप निवेश, कारण बताओ नोटिस

 शिवपुरी (मध्य प्रदेश) ! ​मध्य प्रदेश के शिवपुरी में आगामी 5 तारीख को होने वाले मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां शहर में ₹2,500 करोड़ के बड़े औद्योगिक निवेश की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के ही कुछ पार्षदों ने अपनी ही सरकार और नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस अंदरूनी कलह और पार्षदों के सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के मामले में अब बीजेपी जिला अध्यक्ष ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
​शिवपुरी की सड़कों पर बीजेपी के कुछ पार्षदों द्वारा तख्तियां लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी जिला अध्यक्ष ने इसे पूरी तरह से 'अमानवीय और अनुशासनहीन' कृत्य बताया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि 5 तारीख को सूबे के यशस्वी मुख्यमंत्री और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी आ रहे हैं। यह दौरा शिवपुरी के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि इसमें अडानी ग्रुप द्वारा ₹2,500 करोड़ के भारी-भरकम निवेश की सौगात मिलने जा रही है, जिससे क्षेत्र में उद्योगों को नया विस्तार मिलेगा।
​जिला अध्यक्ष ने कहा कि जब जिले में विकास का इतना बड़ा उत्सव होने जा रहा है, ऐसे समय पर पार्षदों का इस तरह सार्वजनिक रूप से विरोध प्रदर्शन करना पार्टी की छवि को धूमिल करता है। उन्होंने बताया कि पार्षदों की जो भी कानूनी या अन्य समस्याएं हैं, वे पहले से ही न्यायालय और सक्षम अधिकारियों के संज्ञान में हैं।

​"कल हमारे मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सिंधिया जी शिवपुरी आ रहे हैं। अगर पार्षदों की कोई तात्कालिक समस्या थी, तो उन्हें सड़क पर उतरने के बजाय पार्टी स्तर पर बात करनी चाहिए थी। इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। मैंने अभी उनसे बातचीत करने और समझाने का प्रयास किया है। अगर वे वापस लौटकर बात मानते हैं तो ठीक है, अन्यथा अनुशासनहीनता करने वाले पार्षदों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया जाएगा।"

​गौरतलब है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे इन पार्षदों में बीजेपी के साथ-साथ कुछ कांग्रेस के पार्षद भी शामिल हैं, लेकिन बीजेपी जिला अध्यक्ष ने अपनी पार्टी के पार्षदों को स्पष्ट रूप से अनुशासन में रहने की हिदायत दी है। अब देखना यह होगा कि जिला अध्यक्ष की इस सख्त चेतावनी के बाद नाराज पार्षदों के सुर बदलते हैं या फिर पार्टी को आगामी बड़े दौरे से पहले कोई दंडात्मक कदम उठाना पड़ता है।

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