आवेदन के अनुसार, 13 जुलाई 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे गांव में आवारा पशुओं को पकड़ने के दौरान विवाद हुआ। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कुछ लोगों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उनके परिवार के सदस्यों पर लाठी, कुल्हाड़ी, सरिया और डंडों से हमला कर दिया। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। आवेदन में विशेष रूप से महिला पूजा जाटव के सिर में गंभीर चोट लगने और उनकी हालत चिंताजनक होने का उल्लेख किया गया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद अमोला थाने में एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन गंभीर चोटों के बावजूद हत्या के प्रयास (धारा 307) की कार्रवाई नहीं की गई। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि नामजद आरोपी प्रभावशाली होने के कारण खुलेआम घूम रहे हैं तथा पीड़ित परिवार और गवाहों को लगातार धमकियां देकर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है।
एसपी को दिए गए आवेदन में पीड़ित परिवार ने मांग की है कि सभी नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, मामले में धारा 307 सहित अन्य उपयुक्त धाराएं जोड़ी जाएं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को सुरक्षा और शासन द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की भी मांग की गई है।
पीड़ित पक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई गंभीर घटना घट सकती है। अब इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


