ध्वज यात्रा लगभग चार घंटे में बडेरा वाली माता के मंदिर पहुँची, जहाँ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी को दो पावन ध्वज अर्पित किए गए। मंदिर के पुजारी पुष्पेंद्र तिवारी ने बताया कि पहला ध्वज किसानों के लिए अच्छी बारिश, भरपूर फसल, गौ माता के लिए हरे-भरे चारे तथा समस्त जीव-जंतुओं और प्रकृति के कल्याण की कामना के साथ चढ़ाया गया। वहीं दूसरा ध्वज श्रद्धालु हर नारायण पाल के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं उनके जीवन में पुनः सफलता और खुशहाली की मंगलकामना के लिए अर्पित किया गया।
पुजारी पुष्पेंद्र तिवारी ने कहा कि सच्ची भक्ति ही मनुष्य को शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे समाज, राष्ट्र और मानवता के कल्याण की भावना से ईश्वर की आराधना करें। उन्होंने यह भी प्रार्थना की कि पूरे भारत और विश्व में समय पर अच्छी वर्षा हो, जिससे धरती हरी-भरी रहे, किसानों के चेहरे पर मुस्कान आए तथा गौ माता, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे और समस्त सृष्टि का संरक्षण हो सके।
माता रानी के दरबार में पहुँचने के बाद श्रद्धालुओं ने चुनरी अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की तथा भोग-प्रसाद चढ़ाया। इसके पश्चात कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं और कन्याओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का सुंदर संदेश देखने को मिला।
ध्वज यात्रा में दीपक तिवारी, रोहित लोधी, जितेंद्र लोधी, संजू ठाकुर, दीपक केवट, राघवेंद्र लोधी, बीरबल लोधी और वैभव गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। यात्रा के दौरान माता रानी के जयकारों और भजनों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन केवल आस्था का प्रतीक नहीं होते, बल्कि समाज में एकता, सेवा, प्रकृति संरक्षण और जनकल्याण की भावना को भी मजबूत करते हैं। श्रद्धालुओं ने अंत में माता रानी से प्रार्थना की कि सभी लोग स्वस्थ रहें, सुखी रहें, देश में शांति बनी रहे और प्रकृति की कृपा से किसानों की मेहनत सफल हो। जयकारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


