कलेक्टर अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न

0

 


एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों, राहत राशि वितरण और जाति प्रमाण पत्रों की समीक्षा


शिवपुरी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा (आईएएस) की अध्यक्षता में सोमवार को अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों को समय पर राहत एवं न्याय दिलाने तथा लंबित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।


बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिले में दर्ज प्रकरणों, विवेचना की स्थिति, न्यायालयों में लंबित मामलों, पीड़ितों को प्रदान की जाने वाली राहत राशि के वितरण तथा पात्र हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्रों से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों से प्रत्येक बिंदु पर जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


कलेक्टर  अर्पित वर्मा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। पीड़ितों को शासन द्वारा निर्धारित राहत राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए तथा सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


बैठक में जाति प्रमाण पत्रों के लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र आवेदकों के प्रमाण पत्र नियमानुसार एवं समय-सीमा में जारी किए जाएं, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।


बैठक में पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों की पुलिस कार्रवाई, विवेचना और कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई कर रही है तथा दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।


बैठक में अजाक्स जिला अध्यक्ष  कमल किशोर कोड़े सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के संबंध में अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।


बैठक का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा, अत्याचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना रहा।

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
/*-- Don't show description on the item page --*/
NewsLite - Magazine & News Blogger Template
To Top