इस कांवड़ यात्रा में करीब 55 से 60 श्रद्धालु शामिल हैं, जो पूरे जोश और आस्था के साथ एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि महादेव की भक्ति और आस्था के बल पर इतनी लंबी दूरी तय करना संभव हो पा रहा है।
कांवड़ यात्री धर्मेन्द्र सोनी ने बताया कि यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों में प्रशासन और स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिला। जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया और फूल-मालाएं पहनाकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। यात्रियों के अनुसार, पूरे मार्ग में उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
धर्मेन्द्र सोनी ने कहा, "यह महादेव की भक्ति का असर है कि 450 किलोमीटर का सफर 30 घंटे में बिना किसी परेशानी के तय हो रहा है।"
यात्रियों ने बताया कि रास्ते में स्थानीय लोगों और आयोजकों द्वारा भोजन, पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं, जिससे यात्रा और सुगम बनी। श्रद्धालुओं ने इस सहयोग के लिए सभी का आभार जताते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा जैसी धार्मिक परंपराओं में इसी तरह का सहयोग और सेवा भाव आगे भी बना रहना चाहिए।
सावन के महीने में शिवभक्ति का यह नजारा क्षेत्र में आस्था और उत्साह का संदेश दे रहा है।


