कल्लू महाराज ने कहा कि 15 अगस्त का पर्व हमें उन अनगिनत क्रांतिकारियों और शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग के कारण देश आजादी की सांस ले रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता को राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। यदि वायरल वीडियो में दिखाई जा रही घटना सही है, तो संबंधित व्यक्ति को देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए माफी मांगनी चाहिए और पार्टी स्तर पर भी उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
कल्लू महाराज ने कहा, “भारतवासी तिरंगे के सम्मान के लिए अपना सिर कटा सकते हैं, लेकिन तिरंगे को झुका हुआ नहीं देख सकते। राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है।”
उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से अपील की कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्र और राष्ट्रीय ध्वज सर्वोपरि हैं।
इस दौरान समाजसेवी दीपक तिवारी, जितेंद्र लोधी, राहुल मंगल यादव और दीपक केवट सहित अन्य लोगों ने भी राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान की भावना का समर्थन किया।
“झंडा ऊंचा रहे हमारा”— यही हर भारतवासी की भावना है।


