शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मढ़ेवा में जमीन के विवाद को लेकर एक खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। आरोपियों ने मामूली कहासुनी के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों—पिता, पुत्र, समधी और पुत्रवधु—पर कुल्हाड़ी, फरसे और लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में सभी घायलों के हाथ-पैर और पसलियों में गंभीर फ्रैक्चर आए हैं। घटना के बाद से आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ितों की जमीन पर जबरन कब्जा कर धान की फसल की बुबाई कर रहे हैं, जबकि पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन दे रही है।
पीड़ित पाल सिंह पुत्र स्व. श्री बचन सिंह (निवासी ग्राम सुजियापुरा, थाना सुभाषपुरा) द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायती आवेदन के अनुसार, घटना 1 मई 2026 को सुबह करीब 7:00 बजे की है। पाल सिंह का पुत्र हरविंदर सिंह जब अपनी कृषि भूमि पर जा रहा था, तब रास्ते में जमीन के पुराने विवाद को लेकर आरोपी सुलमान गुर्जर, गजराज गुर्जर, पंजाब गुर्जर, श्याम सिंह गुर्जर, रामहेत गुर्जर और रामरतन गुर्जर ने उसे घेर लिया।
आरोपियों ने गालियां देते हुए कुल्हाड़ी, फरसा और लाठियों से उस पर हमला कर दिया। बेटे की चीख-पुकार सुनकर जब प्रार्थी पाल सिंह, उनके समधी बलजीत सिंह और पुत्रवधु मंजीत कौर बीच-बचाव करने पहुंचे, तो दबंगों ने उन पर भी ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस जघन्य हमले में पाल सिंह के दोनों पैरों और पसली में फ्रैक्चर हो गया, पुत्र हरविंदर के दोनों पैरों व हाथ की हड्डियां टूट गईं, समधी बलजीत सिंह का पैर फ्रैक्चर हो गया और पुत्रवधु को भी गंभीर चोटें आईं। इस दौरान आरोपी गजराज और पंजाब गुर्जर ने कट्टा व बंदूक तानकर जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद आरोपियों ने खुद को मामूली चोटें पहुंचाकर पहले ही थाने में झूठी शिकायत दर्ज करा दी। हालांकि पुलिस ने सुभाषपुरा थाने में एफआईआर नं. 0069 (दिनांक 01.05.2026) दर्ज की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में सही ब्यौरा नहीं लिखा और कई मुख्य आरोपियों के नाम तक छोड़ दिए।
हमले के बाद घायलों को पहले सतनवाड़ा स्वास्थ्य केंद्र, फिर शिवपुरी मेडिकल कॉलेज और हालत गंभीर होने पर ग्वालियर रेफर किया गया था। पीड़ित जब अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे, तब आरोपियों ने उनकी उस कृषि भूमि पर अवैध रूप से जुताई कर ली जिसे वे बेच चुके थे और जिसका कब्जा क्रेता को सौंपा जाना था।
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी अभी भी अपने घरों में खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस से सांठगांठ के चलते उनके हौसले बुलंद हैं। दबंगों के खौफ के कारण पीड़ित परिवार अपनी भूमि पर नहीं जा पा रहा है और न ही क्रेता को कब्जा सौंप पा रहा है। अब आरोपी उनकी जमीन पर जबरन धान की फसल की बुबाई कर रहे हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि एफआईआर में उचित गंभीर धाराओं का समावेश कर सभी आरोपियों के नाम जोड़े जाएं, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए और जमीन पर कब्जा दिलाने व सुरक्षा के लिए पुलिस बल मुहैया कराया जाए। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर आरोपी जिम्मेदार होंगे।


