कोलारस। कोलारस नगर में वर्षो से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए श्री बांके बिहारी जी को पालकी में विराजमान के मंदिर प्रांगण से जल विहार के लिए निकले। ढोल, डीजे के साथ मंगलगीत के जयकारो के साथ नगर के सदर बाजार से होते हुए एप्रोच रोड से होते हुए एवी रोड से होते हुए सीधे जगतपुर रोड स्थित गुंजारी नदी पुल पर पहुंचकर भगवान का जल विहार किया। इसी दौरान विधि विधान से पूजा अर्चना , आरती की गई। नगर के घर- घर से लोगो ने भगवान श्री बांके बिहारी जी को फूल माला से स्वागत किया एवं आरती उतारकर प्रसादी वितरण की। इस मौके पर समस्त ठाकुर जी के भक्तगण उपस्थित रहे।डोल ग्यारस को परिवर्तन एकादशी, जल झूलनी एकादशी या पदमा एकादशी भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर में करवट बदलते हैं।
यह उत्सव राजाओं के समय से चला आ रहा है, और इसके पीछे मान्यता है कि इस दिन भगवान को नदी या तालाब में झुलाया जाता है।


