जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्टर निवास पर शिक्षा विभाग की समन्वय बैठक आयोजित हुई। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में शिक्षकों और अधिकारियों के साथ गहन चर्चा कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस रणनीति पर विचार किया गया।
बैठक के दौरान उन विद्यालयों के प्रभारियों की सराहना की गई जिन्होंने सत्र 2025-26 में शत-प्रतिशत नामांकन पूर्ण किया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बनी रहे और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। प्राथमिक विद्यालयों में चल रही एफ एल एन शिक्षण पद्धति और प्री-प्राइमरी कक्षाओं में संचालित ई.सी.सी.ई पद्धति पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में बहु-शिक्षण पद्धति से शैक्षणिक कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न कराने हेतु सभी से सुझाव आमंत्रित किए गए।
कलेक्टर ने उपस्थित शिक्षकों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर विद्यालय संचालन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली और जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। हाजीखेड़ी और घुटारी जैसे विद्यालयों में आ रही कठिनाइयों को दूर करने हेतु मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को दूरभाष पर निर्देशित किया गया। कम नामांकन वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को विशेष रूप से शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विगत वर्षों में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षाओं में नकल रोकने के सफल प्रयासों का उल्लेख करते हुए कलेक्टर ने बेहतर परीक्षा परिणाम की उपलब्धि को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम सुधार की दिशा में बनाई गई कार्य योजना को निरंतर जारी रखा जाए और नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से इसे और सशक्त किया जाए। सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के पद अगले ही दिन रिक्त घोषित करने और रिक्त पदों पर शीघ्र ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन एवं उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों और विद्यालयों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव और डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार को इस संबंध में शीघ्र ही कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही उत्कृष्ट विद्यालयों में विद्यार्थियों की मौलिकता और जीवन कौशल विकसित करने के लिए नवाचारपूर्ण गतिविधियाँ संचालित करने पर बल दिया गया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव, जिला परियोजना समन्वयक दफेदार सिंह सिकरवार, एपीसी मुकेश पाठक, उत्कृष्ट विद्यालय शिवपुरी से दुर्गेश चौबे, हाई स्कूल पचावली प्राचार्य प्रदीप अवस्थी, प्राथमिक विद्यालय घुटारी से राजेश चौबे, प्रा वि हाजीखेड़ी से अंशु शर्मा, प्रा वि महलसराय से कमलेश खरे, पीएमश्री विद्यालय घोसीपुरा से शीला मंडेलिया, माध्यमिक विद्यालय डोंगरी से मंगल सिंह धाकड़, प्राथमिक विद्यालय मुडेरी से विजय पाराशर, प्राथमिक विद्यालय हातोद से कृष्ण कुमार भार्गव, प्राथमिक विद्यालय दर्रोनी से अंजना दंडोतिया आदि उपस्थित रहे।


