प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 24 दिसंबर 2025 को ग्राम सेंवड़ा निवासी अशोक आदिवासी सहित अन्य ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिवपुरी एवं थाना सुभाषपुरा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि लगभग ढाई माह पूर्व सोलापुर (महाराष्ट्र) से आए एक ठेकेदार के साथ नीतेश आदिवासी करीब पांच परिवारों के 23–24 लोगों को गन्ना कटाई के लिए महाराष्ट्र ले गया था। मजदूरी के बाद कुछ लोग पहले ही लौट आए, जबकि नीतेश आदिवासी मजदूरी की राशि लेकर परिवार सहित गांव लौट आया और शेष मजदूर वहां फंस गए।
फोन पर मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार उन्हें मजदूरी का भुगतान न होने के कारण वापस आने नहीं दे रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शिवपुरी अमन सिंह राठौड़ ने तत्काल महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मोबाइल लोकेशन के आधार पर मजदूरों की मौजूदगी ग्राम पिराचीकिरौली, थाना पंढरपुर, जिला सोलापुर में पाई गई। इसके बाद शिवपुरी पुलिस द्वारा सोलापुर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी एवं एसडीओपी पंढरपुर प्रशांत डगले से समन्वय स्थापित किया गया। स्थानीय पुलिस की सहायता से मजदूरों से संपर्क कर वस्तुस्थिति की पुष्टि की गई।
मजदूरों के पास धन की व्यवस्था न होने और लगभग 1400 किलोमीटर की दूरी को देखते हुए विशेष क्रूजर वाहन की व्यवस्था की गई। सोलापुर पुलिस के सहयोग से सभी 15 आदिवासी मजदूरों को सुरक्षित शिवपुरी लाया गया और उनके ग्राम सेंवड़ा, थाना सुभाषपुरा पहुंचाया गया।
सुरक्षित लौटाए गए मजदूरों में बनवारी आदिवासी, सरबती, नीलम, रामबरन, लालाराम, सोमबती, ललिता, संदीप, साजन, नंदनी, संतोष, काजल, सुजना एवं संगीता शामिल हैं।
ग्रामीणों ने शिवपुरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया है।


