क्या था मामला?
बीती 26-27 जुलाई 2025 की दरमियानी रात कोलारस के सदर बाजार स्थित गिरीश कुमार जैन की सोने-चांदी की दुकान का शटर तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने बड़ी मात्रा में आभूषण पार कर दिए थे। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
200 CCTV कैमरों और सायबर सेल की मदद से मिली सफलता
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया।
पुलिस टीमों ने शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना और भिंड के करीब 100 से अधिक बदमाशों से पूछताछ की।
लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।
ग्वालियर आईजी कार्यालय की सायबर सेल और शिवपुरी सायबर सेल की तकनीकी मदद से स्थानीय बदमाशों के सुराग मिले।
जमीन में गाड़कर छिपाया था खजाना
20 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अमन रावत चोरी का माल बेचने की फिराक में शिवपुरी जा रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा, जिसके बाद उसने अपने साथियों के नाम उगले। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उन्होंने चोरी किया गया माल ग्राम खौंकर में ठाकुर बाबा के चबूतरे के पास गड्ढा खोदकर छिपाया था। पुलिस ने खुदाई करवाकर वहां से 46 किलो चांदी और सोने के जेवरात बरामद किए।
गिरफ्तारी और फरार आरोपी
पुलिस ने अब तक अमन रावत (22 वर्ष) और अभिषेक रावत (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में शामिल अन्य दो आरोपी संजय रावत और जानकी रावत फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस बड़ी सफलता में एसडीओपी संजय मिश्रा, कोलारस थाना प्रभारी निरीक्षक गब्बर सिंह गुर्जर, उनि सौरभ तोमर, उनि सावित्री लकड़ा, और सायबर सेल के उनि धर्मेन्द्र जाट सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस सफलता पर पूरी टीम की सराहना की है।



