इस घटनाक्रम के बाद शहर में दो पक्षों के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। एक ओर जहां भगवा झंडा हटाए जाने को लेकर कुछ लोगों ने इसे अपमान बताया, वहीं दूसरी ओर एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोगों का कहना है कि उनके सम्मान के प्रतीक नीले झंडे को हटाया जाना उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। ऐसे में शहर का माहौल लगातार संवेदनशील बना हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय दंड संहिता की धारा 153 IPC अगर कोई भी व्यक्ति उल्लंघन करता है तो मामला दर्ज कर किया जाएगा है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और आपत्तिजनक टिप्पणियों की भी निगरानी की जा रही है।
इसी बीच भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष साजिद खान उर्फ चांद खान को लगातार धमकियां मिलने और उनके फेसबुक अकाउंट पर अभद्र टिप्पणियां किए जाने की खबर सामने आई है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उनके निवास पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और समाज के जिम्मेदार लोगों द्वारा लगातार अपील की जा रही है कि सभी समुदाय आपसी समझदारी और भाईचारे का परिचय दें। कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में विवाद से बचने के लिए या तो सभी पक्षों के प्रतीकात्मक झंडों को साथ में लगाने की सहमति बने या फिर केवल राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को ही प्राथमिकता दी जाए, जिससे किसी भी प्रकार की भावनात्मक ठेस से बचा जा सके।
फिलहाल, शिवपुरी में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लोगों से शांति व संयम बनाए रखने की अपील कर रहा


