जानकारी को अनुसार दिनांक 14.02.26 को एडवोकेट संजय कुमार सक्सैना जब अपने घर से न्यायालय जा रहे थे, तब रास्ते में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई कुलदीप सक्सैना की रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 103 (1), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी अरविंद कुमार सक्सैना, डीआईजी अमित सांघी और एसपी अमन सिंह राठौर ने तत्काल टीमें गठित कर बारीकी से जांच के निर्देश दिए थे।
जांच में सामने आया कि मृतक संजय सक्सैना का गांव के ही सुनील शर्मा और कमलेश शर्मा से पुराना विवाद चल रहा था।
जिसमें वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में मृतक संजय और आरोपी सुनील शर्मा सरपंच पद के लिए आमने-सामने थे।
और ग्राम सिगदौआ में कृषि भूमि पर कब्जे को लेकर भी इनके बीच विवाद था। अधिवक्ता संजय द्वारा कुछ केसों में पैरवी करने और समझौते के लिए दबाव न मानने पर आरोपियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।
सुनील और कमलेश शर्मा ने टोरियाकला के सचिन रावत के माध्यम से डबरा और दतिया के पेशेवर बदमाशों को 10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी, जिसमें 2 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। सचिन ने ही शूटर पपेन्द्र रावत, राजकुमार उर्फ गोलू और जहीर खान को करैरा बुलाकर पूरी योजना को अंजाम दिलवाया।
एसडीओपी करैरा डॉ. आयुष जाखड़ के नेतृत्व में गठित 6 टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर गौशाला (चिरली तिराहा) के पास आरोपियों की घेराबंदी की। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ पुलिस की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में बदमाश पपेन्द्र रावत के पैर में गोली लगी। पुलिस ने मौके से शूटर पपेन्द्र रावत और राजकुमार उर्फ गोलू रावत एवं जहीर खान सहित साजिशकर्ता सुनील शर्मा और कमलेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक 315 बोर का देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, खाली खोका और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है।
इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में थाना प्रभारी करैरा विनोद छावई, सुरवाया प्रभारी अरविन्द्र छारी, अमोला प्रभारी अंशुल गुप्ता, सायबर सेल प्रभारी धर्मेन्द्र जाट और उनकी टीम की विशेष भूमिका रही। एसपी शिवपुरी ने पूरी टीम के कार्य की सराहना की है।
जिसकी जानकारी मीडिया को आज रविवार की शाम 6 बजे पुलिस कंट्रोल रूम से आयोजित प्रेसवार्ता में दी गई है।




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