मौसम का बदला मिजाज, दिन में ही छाया अंधेरा -
शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और सुबह हल्की बारिश हुई लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने उग्र रूप ले लिया। तेज हवाओं के साथ काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा सा माहौल बन गया। कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई और कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने लगी। मौसम के इस अचानक बदलाव से आमजन भी परेशान नजर आए।
फसलों पर कहर, किसानों की मेहनत बर्बाद -
शिवपुरी शहर के साथ नोहरी कला, सिंह निवास, दरौंनी, बामौरकला, रामखेड़ी, बिलारा सहित कई गांवों में ओले गिरने से किसानों की फसलें चौपट हो गईं।
रामखेड़ी गांव के किसान दिनेश रावत ने बताया कि करीब 15 मिनट तक तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे गेहूं और प्याज की फसल पूरी तरह खराब हो गई। खेतों में कटी रखी फसल भी भीगकर सड़ने की स्थिति में पहुंच गई है।
किसानों का कहना है कि कटाई के समय आई इस बारिश और ओलावृष्टि ने सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
मेगा हेल्थ कैंप पर भी असर -
शिवपुरी के सांदीपनी स्कूल में रोटरी रीजनल द्वारा आयोजित मेगा हेल्थ कैंप भी खराब मौसम की चपेट में आ गया। तेज हवा और बारिश के चलते टेंट पर लगे होर्डिंग्स गिर गए।
इसी दौरान डॉक्टरों के कक्ष के गेट पर लगा स्वागत बोर्ड उखड़कर गिर गया, जिससे बाहर निकलने का रास्ता कुछ समय के लिए बाधित हो गया और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी निरीक्षण के दौरान वहीं मौजूद थे।
करैरा में नहीं गिरे ओले, लेकिन खेत में लगी आग -
जहां शिवपुरी में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ, वहीं करैरा क्षेत्र में बारिश और ओले नहीं गिरे। लेकिन ग्राम खेराघाट में किसान गणेशी प्रजापति के गेहूं के खेत में 33 केवी विद्युत लाइन का तार टूटकर गिरने से आग लग गई।
आग ने तेजी से फसल को अपनी चपेट में लिया, लेकिन ग्रामीणों की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। मौसम के इस कहर के बाद किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।



