आबकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करती महिलाएं
-आबकारी अधिकारी ने पीड़ितों से मिलने से किया इंकार, विरोध के बाद कुछ लोगों से मिले
शिवपुरी। आबकारी विभाग द्वारा महल सराय में खोली जाने वाली शराब की दुकान के लायसेंस पर आईटीआई परिसर के सामने शराब की दुकान खुलवाई जा रही है। खास बात यह है कि यह दुकान महल सराय में तो संचालित है ही, इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर दूसरी दुकान खोली जा रही है। यह आरोप है गोविंद नगर के लोगों का। उनका आरोप है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा पिछले ठेकेदार से सांठगांठ करके इसी तरह इस दुकान को अवैधानिक रूप से महल सराय और हवाई पट्टी के सामने संचालित करवाया। उक्त आरोपों को लेकर गुरूवार को गोविंद नगर क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं सहित पुरूषों ने कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी को शिकायत दर्ज करवाई। कलेक्टर ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अलावा जब महिलाएं आबकारी विभाग में जब शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे तो शुभम ढांगोड़े ने लोगों से मिलने से इंकार कर दिया। इस पर महिलाओं ने आबकारी कार्यालय पर आबकारी विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद मजबूरन आबकारी अधिकारी को महिलाओं से मिलने को मजबूर होना पड़ा।
हमें पता ही नहीं था कि दो दुकानें चल रही हैं
खास बात यह है कि जब महल सराय की दुकान के लायसेंस पर महल सराय सहित हवाई पट्टी के सामने कलारी संचालित होने को लेकर जब शिवपुरी वृत प्रभारी विनीत शर्मा से बात की गई तो उन्होंने इस बात से अनभिज्ञता जाहिर की। उनका कहना था कि हमें पता ही नहीं है कि हवाई पट्टी के सामने भी महल सराय के नाम से कलारी चलाई जा रही थी। हमें यह शिकायत आज प्राप्त हुई है। हम इस मामले में जांच करके उचित कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा उनका यह भी कहना है कि अगर महल सराय के नाम पर आईटीआई के पास कलारी खोली जा रही है तो, हम ठेकेदार के खिलाफ उचित वैधानिक कार्रवाई करेंगे।
सौ मीटर के भीतर आईटीआई और बीटीआई
खास बात यह है कि जिस जगह शराब की दुकान को खोला जा रहा है, उस दुकान से महज 50 मीटर की दूरी पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का परिसर और 100 मीटर से भी कम दूरी पर बीटीआई और एसबीआई का ट्रेनिंग सेंटर है। यहां रोजाना सैंकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने के लिए आते हैं। इसके बावजूद यहां पर आबकारी के अधिकारी शराब की दुकान खोलने की अनुमति प्रदान कर रहे हैं। इसी बात का विरोध क्षेत्रवासी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यह सब कुछ आबकारी विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ के चलते हो रहा है।

