अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरणों का तत्परता से निराकरण करें - कलेक्टर

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 जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई आयोजित


शिवपुरी,  कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरणों का तत्परता से निराकरण के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में  मंगलवार को  जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की वार्षिक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पंजीबद्ध प्रकरण, पीड़ित व्यक्ति को दी गई राहत राशि, अधिनियम के विभिन्न उपबंधों का क्रियान्वयन आदि विषयों पर चर्चा की गयी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अन्य विषयों पर भी विस्तार से चर्चा कर निर्देश दिये गये। इस दौरान अधिनियम के विभिन्न उपबंधों एवं सदस्यों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर चर्चा की गई।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरणों में समय पर कार्यवाही होना चाहिए। कोई भी प्रकरण लंबित न रहे।

पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने कहा कि दोष सिद्ध प्रकरणों का निपटारा तुरंत किया जाए। त्रैमासिक बैठकें भी आयोजित की जाए।

बैठक में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति के 465 प्रकरण में राहत राशि 695.22 लाख स्वीकृत की गई है एवं अनुसूचित जनजाति के 116 प्रकरणों में 175.06 लाख की राहत राशि स्वीकृत की गई है। कुल 581 प्रकरणों में राहत राशि 870.28 लाख रुपए स्वीकृत की गई है।

इसी प्रकार इस एक जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक अनुसूचित जाति के 142 प्रकरण में राहत राशि 227.68 लाख रुपए स्वीकृत की गई है एवं अनुसूचित जनजाति के 28 प्रकरण में राहत राशि 50.25 लाख रुपए की राहत राशि स्वीकृत की गई।

बैठक में अनु.जाति एवं जनजाति विभाग के जिला संयोजक एवं डिप्टी कलेक्टर अजय शर्मा अजाक्स के जिला अध्यक्ष एवं बाल्मिक समाज अधिकारी कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल किशोर कोड़े सहित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।

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