बीती 23 अप्रैल 2026 को रातौर पुलिया निवासी श्रीमती रवीना ओझा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वह घर पर अकेली थीं, तब एक व्यक्ति उनके पास आया। उसने रवीना को बातों में फंसाते हुए कहा कि वह काफी परेशान लग रही है और उसके घर की स्थिति ठीक नहीं है। उसने पति के कामकाज न चलने का हवाला देते हुए 'दोष निवारण' के लिए पूजा-पाठ करने का झांसा दिया। इसी बहाने आरोपी महिला के दो सोने के मंगलसूत्र और टॉप्स लेकर रफूचक्कर हो गया। कोतवाली पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देश और एएसपी संजीव मूले व सीएसपी संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में कोतवाली टीआई रोहित दुबे ने एक विशेष टीम गठित की। टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी की पहचान दीपक उर्फ राजू विश्वकर्मा (35 वर्ष) निवासी दुबे कॉलोनी, अशोकनगर के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपी दीपक को 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने ठगी की बात कबूल की और बताया कि उसने जेवरात अशोकनगर में ठिकाने लगाए हैं। पुलिस उसे लेकर अशोकनगर पहुंची, जहां से लूटे गए दोनों मंगलसूत्र और सोने के टॉप्स बरामद किए गए। साथ ही अपराध में इस्तेमाल की गई टीवीएस स्कूटी भी जब्त कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर पूर्व में भी चोरी और ठगी के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
ठगी के इस मामले का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी रोहित दुबे, उपनिरीक्षक सुमित शर्मा, सउनि विवेक भट्ट, प्रधान आरक्षक गजेंद्र परिहार, अवतार सिंह, आरक्षक राहुल कुमार, महेंद्र तोमर और देशराज मावई की मुख्य भूमिका रही।


