जशरथ आदिवासी ने बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह आज तक अपने परिवार के लिए रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि भूमि के अभाव में परिवार खुले आसमान के नीचे अथवा अस्थायी व्यवस्था में रहने को विवश है, जिससे बारिश, गर्मी और सर्दी के मौसम में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वह आदिवासी समाज से आते हैं तथा शासन की योजनाओं का लाभ मिलने के बावजूद अब तक उन्हें रहने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मानवीय आधार पर उनके परिवार की स्थिति को देखते हुए आवास हेतु भूमि आवंटित की जाए, ताकि वह अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
जशरथ आदिवासी ने कलेक्टर से निवेदन करते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन उनकी समस्या पर गंभीरता से विचार कर जल्द राहत प्रदान करता है, तो उनके परिवार को स्थायी आश्रय मिल सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई गरीब और भूमिहीन परिवार आज भी आवासीय भूमि की समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासन को ऐसे जरूरतमंद परिवारों की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।


