परिजनों के मुताबिक, मासूम बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक आवारा कुत्ता उस पर टूट पड़ा और बुरी तरह काटकर घायल कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोगों में नगर पालिका के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
वहीं इसी इलाके में एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। विजयपुरम कॉलोनी निवासी 77 वर्षीय बलराम सिंह रावत पर भी आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग के हाथ और पैर में कुत्ते ने काट लिया, जिससे वे घायल हो गए। उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महल के पीछे और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन आए दिन बच्चे, बुजुर्ग और आम नागरिक कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं।
– मोहित कुशवाहा (भाई)
“मेरी छोटी बहन घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक कुत्ते ने हमला कर दिया। पड़ोसियों ने बचाया और अस्पताल लेकर पहुंचे। नगर पालिका को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।”
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक नगर पालिका की लापरवाही का खामियाजा मासूम बच्चे और बुजुर्ग भुगतते रहेंगे? शहर में लगातार बढ़ रहे कुत्तों के हमलों के बावजूद जिम्मेदार विभाग आखिर क्यों मौन है? स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से आवारा कुत्तों को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।


